स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी क्या होता है?HealthPlanet

Posted on Wed 30th Nov 2022 : 16:52

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी एक आनुवंशिक बीमारी है. इस बीमारी के कई प्रकार होते हैं. लेकिन इसमें टाइप-1 सबसे गंभीर होता है. वेबएमडी के अनुसार बीमारी में बच्चा अपने सिर को सहारा देने या बिना मदद के बैठने में सक्षम नहीं होता है. उसके हाथ और पैर ढीले हो सकते हैं और कुछ भी निगलने में समस्या हो सकती है. सांस को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों में कमजोरी के कारण, टाइप 1 एसएमए वाले अधिकांश बच्चे दो साल से अधिक जीवित नहीं रहते हैं.

क्या हैं लक्षण-

जो बच्चे स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 से ग्रसित होते हैं, उनकी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं. शरीर में पानी की कमी होने लगती है और स्तनपान करने में और सांस लेने में उन्हें दिक्कत होती है. इस बीमारी से पीड़ित बच्चों की मांसपेशियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि वो हिलने-डुलने लायक भी नहीं रहते हैं. स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी बीमारी के कारण बच्चे धीरे-धीरे इतने अक्षम हो जाते हैं कि उन्हें सांस तक लेने के लिए वेंटिलेटर की जरूरत पड़ जाती है.

कितनी खतरनाक है बीमारी-

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 काफी खतरनाक बीमारी है. इस बीमारी के लिए जिम्मेदार जीन शरीर में तंत्रिका तंत्र के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक प्रोटीन के निर्माण करने के लिए रोकते हैं या बाधित करते हैं. जिसके परिणामस्वरूप तंत्रिका तंत्र नष्ट हो जाता है और पीड़ित बच्चों की मौत हो जाती है.

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